अपराध शाखा

अपराध शाखा

जनपदीय अपराध शाखा लखनऊ का कार्यालय वर्तमान समय में विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर परिसर में स्थित है । अपराध शाखा को तीन भागों में विभाजित किया गया है । प्रथम भाग-विवेचनात्मक शाखा, द्वितीय भाग-आपरेशनल शाखा एवं तृतीय भाग-साइबर सेल है ।

प्रथम भाग विवेचनात्मक शाखा में निरीक्षक/उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी नियुक्त किये गये हैं, जिनका कार्य जघन्य अपराधों की विवेचनाओं को सम्पादित करना है । उक्त शाखा का पर्यवेक्षण सहायक पुलिस आयुक्त (A.C.P.) स्तर के अधिकारी द्वारा किया जा रहा हैं ।

द्वितीय शाखा आपरेशनल को दो भागों में विभाजित किया गया हैं जिसमें प्रथम भाग-स्वाट टीम एवं द्वितीय भाग-सर्विलांस सेल है । उक्त दोनों के प्रभारी, निरीक्षक स्तर के अधिकारी नियुक्त किये गये हैं, जिनके अधीनस्थ स्वाट टीम में क्रमशः उप निरीक्षक/मुख्य आरक्षी/आरक्षी द्वारा कार्य सम्पादित किया जाता हैं, जिनका कार्य कमिश्नरेट लखनऊ के अन्दर घटित जघन्य अपराधो से सम्बन्धित अपराधियों की गिरफ्तारी, सनसनी खेज घटनाओं का खुलासा, संगठित माफियाओं की निगरानी, जनपदीय पुलिस थाना को सर्विलांस की मदद से अपराधियों की निगरानी व उनका अपराधिक विवरण एकत्रित करना तथा अपराधियों की गिरफ्तारी कर पूछतांछ करना हैं । सर्विलांस सेल का मुख्य कार्य, अपराधियों के मोबाइंल नंबर का एनालिसिस कर अपराधियों की गिरफ्तारी आदि में स्वाट टीम/थाना पुलिस की सहायता करना है । आपरेशनल शाखा व साइबर सेल के कार्यों का पर्यवेक्षण सहायक पुलिस आयुक्त (A.C.P.) स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाता है ।

तृतीय भाग साइबर सेल में निरीक्षक/उपनिरीक्षक/मुख्य आरक्षी/आरक्षी नियुक्त होते हैं, जो तकनीकी व साइबर सम्बन्धी जानकारी रखते हैं । साइबर सेल का कार्य साइबर अपराधों (जैसे आंनलाइन फ्राड, बैंकों के एटीएम से आंनलाइन फ्राड करना व वाट्सऐप एवं फेसबुक से सम्बन्धित अपराध अर्थात् ऐसे अपराध जिसमें किसी भी तरह इलैक्ट्रानिक डिवाइस प्रयुक्त किया गया हो) का अनावरण कर अपराधियों की गिरफ्तारी करना है । अपराध शाखा की तीनों शाखाओं का पर्यवेक्षण पुलिस उपायुक्त ( D.C.P.) द्वारा किया जाता है । सम्पूर्ण अपराध शाखा के कार्यों का पर्यवेक्षण/संचालन संयुक्त पुलिस आयुक्त (J.C.P.) अपराध एवं मुख्यालय के दिशा-निर्देशों में किया जाता है।